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नौरंगिया कविता पाठ की व्याख्या ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )

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  नौरंगिया   व्याख्या (Explanation)  (WBBSE Madhyamik Questions and Answers )  ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )   नौरंगिया कविता का मूल भाव अपने शब्दों में लिखिए। उत्तर: नौरंगिया शीर्षक कविता में जनवादी कवि कैलाश गौतम ने भारतीय कृषक महिला के जीवन का परिचय दिया है‌। नौरंगिया गंगा पार के रहने वाली है गंगा पार का अंचल दियारा अंचल कहलाता है। उस अंचल के भौगोलिक प्रभाव के कारण वहां के लोग मजबूत और मेहनती होते हैं। लंबी छरहरी कद काठी इस अंचल के निवासियों की अपनी विशेषताए है यह सच है कि भारतीय कृषक परिवार की महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा जुझारू होती हैं कवि ने दर्शाया है कि नौरंगिया देवी देवताओं की कृपा दृष्टि प्राप्त करने की अपेक्षा अपने कर्म पर ज्यादा विश्वास करती है वह बेहद भोली है उसके मन में छल प्रपंच नहीं है लेकिन वह बहुत जुझारू है वह रसूखदार लोगों के आगे घुटने नहीं टेकती है अपने दम पर वह खेती गृहष्थी का सारा काम संभाल लेती है उसका पति आलसी निकम्मा है वह ऐसे कोयले की तरह है जो जलावन की काम नहीं आता ऐसे निकम्मे पति के साथ भी वह शान से...

कर चले हम फ़िदा पाठ की व्याख्या ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )

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  कर चले हम फ़िदा पाठ की व्याख्या (Explanation) कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं सर हिमालय का हमने न झुकने दिया मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

यमराज की दिशा - चंद्रकांत देवताले -( पाठ सार और व्याख्या) ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )

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यमराज की दिशा -चंद्रकांत देवताले ( पाठ सार और व्याख्या)  माँ की ईश्वर से मुलाक़ात हुई या नहीं कहना मुश्किल है पर वह जताती थी जैसे ईश्वर से उसकी बातचीत होती रहती है और उससे प्राप्त सलाहों के अनुसार ज़िंदगी जीने और दुख बर्दाश्त करने के रास्ते ख़ोज लेती है

सबसे ख़तरनाक - अवतार सिंह पाश ( पाठ सार और व्याख्या)

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 सबसे ख़तरनाक   - अवतार सिंह पाश  ( पाठ सार और व्याख्या)  (Sabse Khatarnak poem) मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होती  पुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होती  ग़द्दारी और लोभ की मुट्ठी सबसे ख़तरनाक नहीं होती 

कलकत्ता कविता का सारांश - अरुण कमल - Kolkata Kavita Ka Saransh Class 9

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कलकत्ता कविता का सारांश -    सप्रसंग व्याख्या  (Kolkata Kavita Ka Saransh Class 9) जाऊंगा मैं जाऊंगा कोल जाऊंगा  बार बार सौ बार कोलकाता जाऊंगा  मैं वहां तब से जा रहा हूं जब वह कलकता था  तब से जब वह बायस्कोप के भीतर था  मैं वहां बाबा के कंधे पर बैठकर गया  मैं वहां गालिब की पालकी में सजकर गया  जब मेरे गांव से पहला टोल गया चटकल मजदूरों का  सत्तू की गठरी पीठ पर लादे मैं भी गया महिषदल तक  अब भी याद है मुझे वह सुबह जब मैं हावड़ा मैं उतरा  और चमके हावड़ा पुल के मस्तूल

'जरुरतों के नाम पर' कविता का सारांश - सप्रसंग व्याख्या ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )

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  'जरुरतों के नाम पर'  कविता का सारांश     सप्रसंग व्याख्या    ( Hindi class 9- Summary and short question's answer ) क्‍योंकि मैं ग़लत को ग़लत साबित कर देता हूं इसलिए हर बहस के बाद ग़लतफ़हमियों के बीच बिलकुल अकेला छोड़ दिया जाता हूं वह सब कर दिखाने को जो सब कह दिखाया

पेड़ के दर्द नामक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखो​

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  पेड़ के दर्द नामक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखो​      ( Hindi class 9- Summary and short question's answer ) कुछ धुआँ कुछ लपटें कुछ कोयले कुछ राख छोड़ता चूल्हे में लकड़ी की तरह मैं जल रहा हूँ, मुझे जंगल की याद मत दिलाओ!

धीरे धीरे उतर क्षितिज से -महादेवी वर्मा - सप्रसंग व्याख्या ( Hindi class 9- Summary and short question's answer )

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  धीरे धीरे उतर क्षितिज से -महादेवी वर्मा   सप्रसंग व्याख्या    ( Hindi class 9- Summary and short question's answer ) धीरे धीरे उतर क्षितिज से आ वसन्त-रजनी! तारकमय नव वेणीबन्धन शीश-फूल कर शशि का नूतन, रश्मि-वलय सित घन-अवगुण्ठन, मुक्ताहल अभिराम बिछा दे चितवन से अपनी! पुलकती आ वसन्त-रजनी!

विनय के पद - व्याख्या ( class 9 question answer Summary of Vinay ke pad by Tulsidas )

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विनय के पद(Vinay Ke Pad) हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल में गोस्वामी तुलसीदास का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। तुलसीदास के जन्म और मृत्यु के विषय में विद्‌वानों में मतभेद है। अधिकांश विद्‌वानों का मानना है कि इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बाँदा ज़िले के राजापुर नामक गाँव में सन्‌ 1532 में हुआ था।गुरु नरहरिदास इनके गुरु थे। तुलसीदास ने भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने राम कथा पर आधारित विश्व-प्रसिद्‌ध महाकाव्य ” रामचरितमानस” की रचना की। तुलसीदास राम के अनन्य भक्त थे।तुलसीदास ने ब्रज और अवधि दोनों भाषा में समान रूप से लिखा। तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के द्‌वारा आदर्श समाज की स्थापना पर जोर दिया जिसमें न्याय, धर्म, सहानुभूति, प्रेम और दया जैसे मानवीय गुणों पर विशेष ध्यान दिया है।

नीड़ का निर्माण फिर-फिर ~ कविवर हरीवंश राय बच्चन ~ सारांश (व्याख्या ) और संदेश (Ch.6 ~ WBBSE Madhyamik Questions and Answers ) Nid ka Nirman Fir Fir

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नीड़ का निर्माण फिर-फिर कविता का सारांश (व्याख्या ) और संदेश  (  Nid ka Nirman Fir Fir   ) ( Chapter 6 ~ WBBSE Madhyamik Questions and Answers ) कविवर हरीवंश राय बच्चन का जीवन परिचय देते हुए उनकी काव्य कृतियों पर प्रकाश डालिए उत्तर: हरिवंश राय बच्चन उत्तर छायावादी युग के एक ऐसे कवि हैं जिनकी मधुशाला के मधु ने युवा वर्ग को मदोन्मत कर दिया था । आप आशावादी कवि हैं । आपकी कविताओं में मानवीय भावनाओं की मनोवैज्ञानिक अभिव्यक्ति आपको कुशल कवि बनाती है। आप काव्य की संगीतात्मकता, सरलता एवं मार्मिकता के कवि के रूप में सदैव याद किए जाएंगे।